
रायपुर : -छत्तीसगढ़ में विभिन्न प्रकार के आटे उपलब्ध हैं, लेकिन सवाल उठता है कि कौन सा आटा स्वास्थ्य की दृष्टि से ज्यादा फायदेमंद है. यहां ध्यान देने वाली बात यह है कि ऐसा कोई भी आटा नहीं जो दूसरे से बेहतर हो, कहने का मतलब है कि प्रत्येक आटे के अपने फायदे और विशेष पोषक गुण होते हैं.

यहां विभिन्न आटे की एक सूची दी जा रही जिसे आप सभी को अवश्य जानना चाहिए. ये गेहूं, चावल, जैसे साबुत अनाज को पीस कर बनाया जाता है. इसका इस्तमाल विशेष कर रोटी बनाने के लिए किया जाता है देश में सबसे अधिक पैदा होनी वाली फसल गेहूं है और इससे बना आटा भारतीय भोजन का सबसे जरूरी हिस्सा है और सबसे स्वास्थ्यवर्धक भी माना गया है. परंपरागत रूप से इसे चक्की में पीसकर तैयार किया जाता है. यह फोलिक एसिड, मैंगनीज, मैग्नीशियम, सेलेनियम, विटामिन ई, विटामिन बी 6, कॉपर और जिंक जैसे विभिन्न पोषक तत्वों का एक मुख्य स्रोत है. इस आटे से चपाती, पराठा, मालपुआ, आटे का हलवा, राजस्थानी दाल बाटी आदि बहुत सारे भारतीय स्वादिष्ट और पौष्टिक व्यंजन बनाए जाते हैं.गेहूं का चोकर अघुलनशील फाइबर का एक अच्छा स्रोत माना जाता है, जो पाचन शक्ति को मजबूत करता है और कब्ज की शिकायत को दूर करता है.
यह एक प्रीबायोटिक के रूप में कार्य करता है.फाइबर से भरपूर होने के कारण यह कोलेस्ट्रॉल के स्तर में सुधार करने में प्रभावी है और साथ ही नियासिन, विटामिन बी 6, आयरन, मैंगनीज, जिंक, कॉपर जैसे पोषक तत्वों के अच्छे स्रोत के रूप में जाना जाता है.

चावल आटाें -मिल्ड सफेद चावल या ब्राउन राइस से तैयार चावल के आटे का उपयोग गेहूं के आटे के विकल्प के रूप में भी किया जाता है. यह कार्बोहाइड्रेट से भरपूर होता है, इसमें बहुत कम वसा और मध्यम मात्रा में प्रोटीन मौजूद होता है. हालांकि सफेद चावल को पीसने की प्रक्रिया में इसमें मौजूद अधिकांश पोषक तत्व नष्ट हो जाते हैं. जबकि, ब्राउन राइस का आटा फाइबर, विटामिन बी, फास्फोरस और मैंगनीज से भरपूर होता है.
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