केंद्र सरकार नगरनार के साथ भिलाई स्टील प्लांट को बेच सकती है :जयराम

केंद्र सरकार नगरनार के साथ भिलाई स्टील प्लांट को बेच सकती है :जयराम


बिलासपुर-


सांसद जयराम रमेश ने प्रदेश में भाजपा पर ध्रुवीकरण की राजनीति करने का आरोप लगाया। उन्होंने केंद्र सरकार पर झूठ बोलने व कथनी-करनी में अंतर होने का भी आरोप लगाया। जयराम का कहना था कि, केंद्र सरकार राज्य के नगरनार स्टील प्लांट के निजीकरण नहीं होने देने की झूठी बात कर रही है,जबकि 2021-22 में केंद्र ने इस आशय का प्रस्ताव विनिवेश नीति की घोषणा की थी। हालांकि इस संबंध में निजीकरण की प्रक्रिया मनमोहन सरकार में सबसे अधिक रहने के सवाल पर वे कुछ भी नहीं कह सके। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता ने कहा कि आज भाजपा प्रदेश के चुनाव में मुद्दाविहीन है।
सांसद व कांग्रेस के राष्ट्रीय संचार विभाग के प्रमुख जयराम रमेश आज बिलासपुर में प्रेस वार्ता लेकर केंद्र सरकार की नीतियों की आलोचना की तो चुनाव के ऐन वक्त भाजपा द्वारा सांप्रदायिक ध्रुवीकरण की राजनीति करने का आरोप लगाया। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता ने कहा कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह व असम के मुख्यमंत्री हेमंता सरमा ने जनसभा में जिस तरह से भाषा का प्रयोग किया उससे साफ पता लगता है कि, एक समुदाय के ध्रुवीकरण की राजनीति की जा रही है। उन्होंने प्रधानमंत्री के आज कांकेर दौरे पर बोलते हुए कहा कि इससे पहले प्रधानमंत्री का बस्तर दौरा हो चुका है जिसमें उन्होंने नगरनार स्टील प्लांट का निजीकरण नहीं करने की बात कही थी। लेकिन वास्तविकता इसके खिलाफ है। जयराम रमेश ने कहा कि केंद्र द्वारा 2021-22 में सरकारी क्षेत्रों में विनिवेश की नीति की घोषणा की थी। इस नीति से साफ पता चलता है कि न केवल नगरनार बल्कि वे भिलाई स्टील प्लांट को भी निजी क्षेत्र को सौंप सकते हैं। उन्होंने परोक्ष रूप से कहा कि वे किसी उद्योगपति का नाम नहीं लेना चाहते लेकिन वे किस उद्योगपति यह प्लांट देंगे यह बताने की जरूरत नहीं है। लेकिन इस संबंध में यह सवाल किए जाने पर की सार्वजनिक क्षेत्र के उद्योगों के निजीकरण की प्रक्रिया जिस तेजी से मनमोहन सरकार के दौरान हुई थी क्या उससे आप इंकार कर सकते हैं। इस पर जयराम रमेश ने सीधा सीधा कोई उत्तर नहीं दिया।
कांग्रेस नेता ने प्रेस वार्ता में संघीय ढांचे को कमजोर करने का भी आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि, केंद्र सरकार स्वयं कहती है कि वे राज्यों को मजबूती देने के लिए लगातार पहल कर रहे हैं ।लेकिन जिस तरह से केंद्रीय एजेंसियों का दुरुपयोग हो रहा है उसके कारण राज्यों की सरकारें कमजोर हुई हैं। जयराम रमेश ने इस विधानसभा चुनाव में भाजपा के मुद्दाविहीन होने की बात कही। उन्होंने आरोप लगाया कि, राज्य में प्रथम चरण के चुनाव में पांच दिन बचे हैं लेकिन अभी तक घोषणा पत्र जारी नहीं किया गया है। इससे पता चलता है कि भाजपा नेतृत्व के पास छत्तीसगढ़ को लेकर कोई विजन नहीं है। जबकि कांग्रेस लगातार गरीबों किसानों व महिलाओं के हित में घोषणाएं कर रही है। प्रेस वार्ता में उनके साथ कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रवक्ता अखिलेश प्रताप सिंह, महापौर रामशरण यादव, कांग्रेस शहर अध्यक्ष विजय पांडे, कांग्रेस प्रदेश प्रवक्ता अभय नारायण राय , मौजूद थे।

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